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धान की बुवाई के लिए बीज उपचार एवं नर्सरी में पौधे तैयार करने की विधि

DeHaat | देहात

04-05-2021

padd हमारे देश में धान की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है। लेकिन बार कुछ रोगों या कीटों के प्रकोप के कारण भी फसलों की उपज में प्रतिकूल असर होता है। ऐसे में फसल को विभिन्न रोगों से बचाने के लिए सही तरीके से बीज उपचारित करना आवश्यक है। वहीं कई बार नर्सरी में पौधे तैयार करने की सही जानकारी नहीं होने के कारण भी पैदावार में कमी आती है। अगर आप भी करने वाले हैं धान की खेती तो बीज उपचारित करने की विधि एवं नर्सरी में पौधे तैयार करने की जानकारी यहां से प्राप्त करें।

बीज उपचारित करने की विधि

  • बीजों को उपचारित करने के लिए सबसे पहले 10 लीटर पानी में 10 ग्राम बाविस्टीन और 2.5 ग्राम पोसा माइसिन या 2.5 ग्राम एग्रीमाइसीन या 1 ग्राम स्ट्रेप्टोसाइक्लीन मिला कर घोल तैयार करें।

  • इस घोल में 8 किलोग्राम स्वस्थ बीज को 24 घंटे के लिए डाल कर रखें।

  • 20 किलोग्राम बीज उपचारित करने के लिए 25 लीटर घोल की आवश्यकता होगी।

  • इस विधि से उपचारित की गई बीजों में जड़ गलन रोग, पत्ती झुलसा रोग, झोंका आदि रोगों के होने की संभावना कम रहती है।

  • इसके अलावा 1 किलोग्राम बीज को 3 ग्राम बाविस्टिन फफूंदनाशक से भी उपचारित किया जा सकता है।

नर्सरी में पौधे तैयार करने की विधि

  • नर्सरी की मिट्टी की अच्छी जुताई करके भुरभुरी बना लें। भुरभुरी मिट्टी में बीज के अंकुरण एवं जड़ों के विकास में आसानी होती है।

  • स्वस्थ पौधों के लिए नर्सरी में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं।

  • इसके बाद बीज की रोपाई के लिए नर्सरी में क्यारियां तैयार करें।

  • क्यारियों के ऊपरी हिस्सों में बीज की बुवाई करें। इससे पौधों को निकालने के समय जड़ों को नुकसान नहीं होता है।

  • बीज की बुवाई के बाद नर्सरी में भुरभुरी मिट्टी एवं गोबर की खाद डालें। इसके अलावा आप चाहें तो बीज को पुआल से भी ढक सकते हैं।

  • नर्सरी में आवश्यकता से अधिक मात्रा में बीज की बुवाई करने से बचें। अधिक मात्रा में बीज की बुवाई करने से पौधे कमजोर हो जाते हैं और पौधों के सड़ने की समस्या भी उत्पन्न हो सकती है।

  • मिट्टी में नमी की मात्रा बनाए रखने के लिए फव्वारा विधि से सिंचाई करें।

  • नर्सरी से पौधों को निकालने से 5-6 दिन पहले प्रति 100 वर्ग मीटर जमीन में 460 ग्राम यूरिया का छिड़काव करें।

  • बीज की बुवाई के 3 से 4 सप्ताह बाद पौधे मुख्य खेत में रोपाई के लिए तैयार हो जाते हैं।

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हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। इस विधि से बीज उपचारित करने एवं नर्सरी तैयार करके आप निश्चित ही धान के स्वस्थ पौधे प्राप्त कर सकते हैं। यदि आपको यह जानकारी पसंद आई है इस पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अधिक से अधिक किसान इस जानकारी का लाभ उठा सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

Tags :

paddy / rice | धान

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