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आर्टीमीशिया की खेती की सम्पूर्ण जानकारी

DeHaat | देहात

19-07-2021

आर्टीमीशिया एक झाड़ी की तरह नजर आने वाला औषधीय पौधा है। एंटीऑक्सीडेंट तत्वों से भरपूर होने के कारण यह सामान्य बुखार, मलेरिया एवं कैंसर जैसे घातक रोगों में लाभदायक है। दवाओं के निर्माण के कारण आयुर्वेदिक दवाओं का निर्माण करने वाली कम्पनियाँ बड़ी मात्रा में आर्टीमीशिया की खरीदारी करती हैं। इसलिए आर्टीमीशिया की खेती करने वाले अच्छा मुनाफा प्राप्त कर सकते हैं। इसके पौधे लगाने से घर में मच्छर नहीं आते हैं। आइए आर्टीमीशिया की खेती से जुड़ी जानकारियों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

आर्टीमीशिया की खेती के लिए उपयुक्त समय

  • नर्सरी तैयार करने के लिए अक्टूबर से दिसंबर तक का समय उपयुक्त है।

  • जनवरी से मार्च महीने के बीच मुख्य खेत में पौधों की रोपाई की जाती है।

उपयुक्त मिट्टी एवं जलवायु

  • इसकी खेती लगभग सभी प्रकार की मिट्टी में की जा सकती है।

  • काली मिट्टी, दोमट मिट्टी, रेतीली मिट्टी से लेकर लाल मिट्टी में भी इसकी खेती सफलतापूर्वक की जा सकती है।

  • मिट्टी का पी.एच. स्तर 4.5 से 8.5 के बीच होना चाहिए।

  • जल जमाव वाले क्षेत्रों में इसकी खेती न करें।

  • इसकी खेती के लिए ठंड वातावरण उपयुक्त है।

खेत की तैयारी एवं पौधों की रोपाई

  • सबसे पहले खेत में एक बार गहरी जुताई करें।

  • इसके बाद 2 से 3 बार हल्की जुताई करें।

  • बेहतर पैदावार के लिए खेत में अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं।

  • पौधों की रोपाई के लिए खेत में क्यारियां तैयार करें।

  • सभी क्यारियों के बीच 30 से 60 सेंटीमीटर की दूरी रखें।

  • पौधों से पौधों के बीच 45 से 60 सेंटीमीटर की दूरी होनी चाहिए।

  • नर्सरी में तैयार किए गए 6 से 8 सप्ताह के पौधों की मुख्य खेत में रोपाई करें।

सिंचाई एवं खरपतवार नियंत्रण

  • पौधों को अधिक सिंचाई की आवश्यकता नहीं होती है।

  • केवल 4 सिंचाई कर के भी हम अच्छी पैदावार प्राप्त कर सकते हैं।

  • आर्टीमीशिया की फसल में करीब 15 से 20 दिनों के अंतराल पर सिंचाई करनी चाहिए।

  • फसल की कटाई से 7 से 10 दिन पहले सिंचाई का कार्य बंद कर दें।

  • खरपतवारों पर नियंत्रण के लिए 3-4 बार निराई-गुड़ाई करें।

फसल की कटाई

  • पौधों की रोपाई के 4.5 से 5 महीने बाद फसल की पहली कटाई की जा सकती है।

  • पौधों की कटाई भूमि की सतह से 15 से 20 सेंटीमीटर की ऊंचाई पर करें।

  • प्रति एकड़ भूमि से 30-35 क्विंटल पत्तियां प्राप्त होती हैं।

लागत एवं मुनाफा

  • प्रति एकड़ भूमि में आर्टीमीशिया की खेती करने पर करीब 10,000 रुपए की लागत आती है।

  • इसकी पत्तियों की 35-40 रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री होती है।

  • इस तरह प्रति एकड़ भूमि में आर्टीमीशिया की खेती करने पर करीब 1 लाख रुपए तक मुनाफा होता है।

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Tags :

medicinal plants | औषधीय पौधे

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