Useful Agriculture articles only on our App

मूली : बेहतर पैदावार के लिए इस तरह तैयार करें खेत

Soumya Priyam

11-09-2021

मूली का सबसे अधिक उपयोग सलाद के तौर पर किया जाता है। इसके अलावा इससे पराठे, अंचार, सब्जी, आदि भी तैयार किए जाते हैं। मूली की फसल को ठंडे जलवायु की आवश्यकता होती है। इसकी फसल बुवाई के करीब 1 महीने बाद तैयार हो जाती है। ठंड के मौसम से इसकी मांग बढ़ने लगती है। बढ़ती मांग हो ध्यान में रखते हुए अगर आप भी करना चाहते हैं मूली की खेती तो इस पोस्ट को ध्यान से पढ़ें। यहां से आप मूली खेती के लिए खेत तैयार करने की विधि जान सकते हैं। आइए इस विषय में विस्तार से जानकारी प्राप्त करें।

बीज की मात्रा एवं बीज उपचारित करने की विधि

  • प्रति एकड़ खेत में मूली की खेती करने के लिए विभिन्न किस्मों के अनुसार 2 से 4 किलोग्राम बीज की आवश्यकता होती है।

  • प्रति किलोग्राम बीज को 2.5 ग्राम थीरम से उपचारित करें।

खेत तैयार करने की विधि

  • मूली एक जड़ वाली फसल है। जड़ों के बेहतर विकास के लिए मिट्टी का भुरभुरा होना आवश्यक है।

  • मिट्टी को भुरभुरी बनाने के लिए सबसे पहले मिट्टी पलटने वाली हल से 1 बार गहरी जुताई करें।

  • इसके बाद खेत में 3 से 4 बार हल्की जुताई करें। हल्की जुताई के लिए देशी हल या कल्टीवेटर का इस्तेमाल कर सकते हैं।

  • बेहतर पैदावार के लिए आखिरी जुताई के समय प्रति एकड़ खेत में 80 से 100 क्विंटल अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं।

  • इसके अलावा प्रति एकड़ खेत में 5 से 10 टन रूड़ी की खाद मिलाएं।

  • इसके साथ ही प्रति एकड़ खेत में 170 किलोग्राम यूरिया, 96 किलोग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट और 40 किलोग्राम म्यूरेट ऑफ पोटाश मिलाएं।

  • खेत की जुताई के बाद बीज की रोपाई के लिए खेत में क्यारियां तैयार करें।

  • सभी क्यारियों के बीच करीब 45 सेंटीमीटर की दूरी रखें।

  • पौधों से पौधों के बीच 7-8 सेंटीमीटर की दूरी होनी चाहिए।

  • बीज की बुवाई 3 से 4 सेंटीमीटर की गहराई में करें।

यह भी पढ़ें :

हमें उम्मीद है यह जानकारी आपके लिए महत्वपूर्ण साबित होगी। यदि आपको इस पोस्ट में दी गई जानकारी पसंद आई है तो हमारे पोस्ट को लाइक करें एवं इसे अन्य किसानों के साथ साझा भी करें। जिससे अधिक से अधिक किसान मित्र भी इस तरह खेत तैयार कर के मूली की बेहतर पैदावार प्राप्त कर सकें। इससे जुड़े अपने सवाल हमसे कमेंट के माध्यम से पूछें।

Tags :

radish | मूली

Solutions About Us Farmbook Engineering Blog
Know Your Soil Agri Input Advisory Health & Growth Agri Output Farm Intelligence Finance Career